शेर और बिच्छू की जोड़ी
यह मिलन अग्नि और जल का है, जहाँ एक जलता है और दूसरा बहता है। दोनों ही स्थिर राशियाँ हैं, इसलिए अपनी बात पर अड़े रहते हैं। सिंह का राजसी अंदाज़ और वृश्चिक की गहरी नज़रें, दोनों एक-दूसरे को चुनौती देते हैं। मगर इसी टकराहट में एक अनोखा आकर्षण है। दोनों में जुनून की कमी नहीं, बस ज़रूरत है एक-दूसरे की रफ़्तार को समझने की। कुल मिलाकर, यह रिश्ता धीमी आँच पर पकता है, जल्दबाज़ी में नहीं।
प्यार
प्यार में यह जोड़ी धधकती है, कभी शोले बनकर, कभी भाप बनकर। सिंह की तारीफ़ें और वृश्चिक का रहस्यमयी आकर्षण, दोनों एक-दूसरे को बाँधते हैं। मगर जब अहं टकराता है, तो बात बिगड़ती है। फिर भी, बिस्तर में और दिल में, यह मेल बेहद गहरा है। बस एक-दूसरे पर भरोसा करना सीखें, तो यह प्यार जन्मों का साथ निभाएगा।
दोस्ती
दोस्ती में ये दोनों एक-दूसरे के ख़िलाफ़ शतरंज खेलते हैं, बहुत मज़ा आता है। सिंह की खुली किताब और वृश्चिक की छुपी चालें, एक-दूसरे को उलझाती हैं। मगर जब मुश्किल आती है, तो वृश्चिक की वफ़ादारी और सिंह की हिम्मत साथ मिलकर तूफ़ान का सामना करते हैं। बस, बहस में जीतने की कोशिश न करें, दोस्ती आसान हो जाएगी।
काम
काम में यह टीम या तो धमाका करेगी या आग लगाएगी। सिंह का नेतृत्व और वृश्चिक की जाँच-पड़ताल, साथ में अच्छे नतीजे दे सकते हैं। मगर दोनों बॉस बनना चाहते हैं, इसलिए ज़िम्मेदारियाँ बाँटना ज़रूरी है। जब दोनों एक लक्ष्य पर ध्यान दें, तो दुनिया की कोई ताक़त रोक नहीं सकती। बस, जलन को किनारे रखें, सफलता पक्की है।
इस जोड़े के लिए टिप: जब तनाव हो, तो एक-दूसरे को हँसाने की कोशिश करें, खासकर सिंह को वृश्चिक के गंभीर चेहरे पर मुस्कान लानी चाहिए।